Independence Day : तिरंगे का अपमान करने पर हो सकती है 3 साल की जेल, फोल्ड करने का सही तरीका, झंडे का आकार
Independence Day : तिरंगे का अपमान करने पर हो सकती है 3 साल की जेल, ये हैं फोल्ड करने का सही तरीका
15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सभी ने तिरंगे झंडे के साथ जश्न मनाया होगा। किसी ने घर की छत पर फहराया होगा तो कोई शान से तिरंगा सीने पर पहनकर घूमा होगा। बच्चों को छोटे-छोटे तिरंगे हाथ में लिए स्कूल जाते देखा ही होगा।
पर क्या आप जानते हैं कि राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे झंडे को संभालकर और उतारकर रखने के भी कुछ नियम हैं। न सिर्फ इतना बल्कि अगर झंडा पुराना या कट फट जाए तो इसे नष्ट करने का भी तरीका है, आइए जानते हैं तिरंगे से जुड़े नियमों के बारें में...
>> झंडा, गंदा या कट-फट गया हो तो क्या करें? <<
कोशिश करें कि झंडे को कोई नुकसान न हो। अगर कोई नुकसान पहुंच जाता है तो प्राइवेट तरीके से यानी एकांत में इसे नष्ट कर सकते हैं। गाइडलाइन के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज के निस्तारण के दो तरीके हैं।
एक दफन करना और दूसरा जलाना। बेहद गंदे या किसी कारण फट गए राष्ट्रीय ध्वज को दफन करने के लिए लकड़ी का ही बॉक्स लेना होगा। इसमें तिरंगे को सम्मानपूर्वक तह लगाकर रखना होगा। फिर इस बॉक्स को दफन कर दें, इसके अलावा एक साफ जगह पर लकड़ी जलाए, इसके बाद तिरंगे को तह करके सम्मान के साथ आग के बीच में डाल दें। बिना तह लगाए आग में झंडे को जलाना भी कानूनी अपराध हैं।
>> तिरंगे को फोल्ड करते हुए रखें इन बातों ध्यान <<
नियमों के अनुसार तिरंगे को सबसे पहले धीरे-धीरे नीचे उतारा जाता है। इसके बाद इसे आड़ा करके केसरिया और हरे रंग की पट्टी को पीछे की तरफ इस तरह से मोड़ा जाता है कि सफेद रंग और अशोक चक्र ऊपर रहे। इसके बाद अशोक चक्र के दोनों तरह की सफ़ेद पट्टी को भी इस तरह पीछे मोड़ा जाता है, जिससे ऊपर सिर्फ अशोक चक्र दिखाई दे। अब इस झंडे को सम्मान के साथ संभालकर रखा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि झंडा जमीन को ना छुए।
>> तिरंगे का अपमान करने पर क्या सजा है? <<
तिरंगे का अपमान करना पूरी तरह से गलत है। अगर कोई व्यक्ति तिरंगे झंडे को पब्लिकली जलाता है, गंदा करता है, कुचलता है या नियम के खिलाफ जाकर ध्वजारोहण करते हुए पाया जाता है, तो उसे 3 साल की जेल या जुर्माने की सजा हो सकती है। यह भी हो सकता है कि उस व्यक्ति को जेल और जुर्माना दोनों की सजा दी जाए।
>> तिरंगे झंडे को घर के दूसरे काम में इस्तेमाल में नहीं ले सकते हैं <<
फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के अनुसार, आप किसी भी दूसरे उद्देश्य से तिरंगे झंडे का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। जैसे पर्दे के तौर पर, टेबल या मेज को ढंकने के लिए, गाड़ी, ट्रेन या नाव में लपेटने के लिए, किसी बिल्डिंग में कवर के तौर पर, तिरंगे का इस्तेमाल ऊपर लिखी इन सभी चीजों के लिए किसी भी हालात में नहीं करना चाहिए।
>>>> तिरंगे झंडे से ये जरुरी बातें भी जान लें...
- कभी भी झंडे पर कोई दूसरी फोटो या पेंटिंग नहीं बनी होनी चाहिए।
- फटा हुआ और मैला झंडा नहीं फहराया जा सकता है।
- अगर झंडे का रंग फीका पड़ गया है तो इसे नहीं फहराना चाहिए।
- झंडे को कभी भी झुका कर नहीं रखना चाहिए। जहां तिरंगा फहराया जा रहा है, वहां यह सबसे ऊपर होना चाहिए।
- जिस जगह तिरंगा झंडा फहराया जा रहा है, वहां इसके साथ कोई दूसरा झंडा इससे ऊपर नहीं होना चाहिए।
- जिस खंभे या बिल्डिंग पर झंडा लगा हो, उस पर किसी तरह का विज्ञापन नहीं होना चाहिए।
देश के अलग-अलग स्थानों के लिए झंडे का आकार अलग-अलग होता है 🇮🇳
* सबसे छोटा 6x4 इंच का तिरंगा मीटिंग और कॉन्फ्रेन्स में टेबल पर रखने के लिए बनाया जाता है।
* VVIP कारों के लिए इसका आकार 9x6 इंच होता है।
* राष्ट्रपति के VVIP एयरक्राफ्ट और ट्रेन के लिए इसका आकार 18x12 इंच तय किया गया है।
* कमरों में क्रॉस बार पर दिखने वाले झंडे 3x2 फुट के होते हैं।
* बहुत छोटी पब्लिक इमारत पर लगने वाले झंडे 5.5x3 फुट के होते हैं।
* शहीद सैनिकों को पार्थिव शरीर पर लिपटे तिरंगे का आकार 6x4 फुट होता है।
* संसद भवन और मध्यम साइज वाली सरकारी इमारतों के लिए इसका आकार 9x6 फुट रहता है।
* गन कैरिएज, लाल किले और राष्ट्रपति भवन के लिए 12x8 फुट का तिरंगा इस्तेमाल होता है।
* बहुत बड़ी सरकारी इमारत के लिए तिरंगे का आकार 21x14 फुट तय किया गया है।
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