वे क्षेत्र जो सेवा (SERVICE) का कार्य करते हैं, उन्हें तृतीयक क्रियाएँ (Tertiary Sector) कहते हैं, जैसे – परिवहन, संचार, व्यापार, बैंक, बीमा, पुलिस, अस्पताल, शिक्षा संस्थान, डाक – तार सेवाएँ, रक्षा, प्रशासनिक सेवाएँ आदि। तृतीयक क्रियाकलाप बौद्धिक एवं कुशलता से जुड़ी हुई सेवाएँ हैं। इसमें उत्पादन और विनिमय दोनों शामिल होते हैं। मिस्त्री, धोबी, नाई, दुकानदार, चालक, अध्यापक, डॉक्टर, वकील और प्रशासक आदि सब तृतीयक क्रियाकलापों में शामिल हैं, क्योंकि कहीं न कहीं और किसी न किसी रूप में ये हमारी सेवा (Service) करते हैं। तृतीयक क्रियाकलापों को सेवा क्षेत्र (Service Sector) भी कहते हैं।