देश के लिए प्यार है तो जताया करो,
कुछ करने का जज्बा है तो, उसे फिर किया करो,
रुको न तुम ये सोचकर, दुनिया वाले क्या सोचेंगे।
ठान लो तुम बस मन में, बढ़ते कदम न रुकने दोगे,
किसी का साथ पाने को तुम, खुद को रोका न करो।
कुछ करने का जज्बा है तो, उसे फिर किया करो।।
दुनिया की सोचकर अगर तुम बढ़ते कदम पीछे हटा लोगे,
अपनी सारी इच्छाओं को यू हीं मन में ही दबा लोगे।
बहुत हुई खामोशी अब, अपने हक के लिए बोला करो,
कुछ करने का जज्बा है तो, उसे फिर किया करो।
सोचेंगे इतना तो ये, सुनहरा वक्त निकल जायेगा,
कुछ कर दिखाने का सपना यू हीं अधूरा रह जायेगा।
हर बाधा को पार करके तुम आगे बढ़ा करो,
कुछ करने का जज्बा है, तो उसे फिर किया करो।।
ले लो शपथ कि देश पर आँच न आने दोगे,
हर बढ़ती चिंगारी को पहले ही धूमिल कर दोगे।
मिल जुल कर रहे सब ऐसा, माहौल बनाया करो,
कुछ करने का जज्बा है तो, उसे फिर किया करो।।
Source - वन्दना शर्मा।